हमारे बारे में
महर्षि जमदग्नि गौसेवा ट्रस्ट की कहानी
हमारा मिशन
गौ माता की सेवा को हम केवल दान नहीं, बल्कि मानवता की सबसे बड़ी सेवा मानते हैं। हमारा मिशन है — हर बेसहारा गौ माता को घर, भोजन, चिकित्सा और सम्मान प्रदान करना।

महाराज दशानन
संस्थापक एवं अध्यक्ष
संस्थापक का संदेश
एक संकल्प: गौ माता के नाम
कहते हैं कि दुनिया में बड़े काम करने के लिए केवल धन की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि एक सच्चे दिल, मजबूत इरादे और सेवा के संकल्प की आवश्यकता होती है। उन्होंने देखा कि जिस गौ माता को हमारे शास्त्रों में माता का स्थान दिया गया, जिस गौ माता की सेवा को सबसे बड़ा पुण्य माना गया, वही गौ माता आज सड़कों पर भटक रही है। कहीं भूखी, कहीं घायल, कहीं बीमारी से पीड़ित और कहीं अपने ही बच्चों से बिछड़ी हुई… यह दृश्य देखकर उनका हृदय व्याकुल हो उठा।
उस दिन उनके मन में एक सवाल उठा— "क्या केवल गौ माता को माता कह देना ही हमारा धर्म है? या फिर जब वह संकट में हो, तो उसकी रक्षा करना भी हमारा कर्तव्य है?" यहीं से जन्म हुआ एक महान संकल्प का। यह कहानी है एक ऐसे व्यक्ति की, जिसने अपने जीवन में केवल अपने लिए जीने का सपना नहीं देखा, बल्कि उन बेजुबान गौ माताओं के लिए कुछ करने का संकल्प लिया, जिनकी आंखों में दर्द था, लेकिन अपनी पीड़ा कहने के लिए शब्द नहीं थे। वह व्यक्ति हैं—महाराज दशानन, महर्षि जमदग्नि गौसेवा ट्रस्ट के संस्थापक एवं अध्यक्ष।
एक दृश्य जिसने हृदय बदल दिया
एक दिन महाराज दशानन ने सड़क किनारे एक गौ माता को देखा। वह भूखी थी, कमजोर थी और लोगों की भीड़ उसके पास से गुजर रही थी। कोई उसे देखकर आगे बढ़ गया, कोई अपनी दुनिया में व्यस्त रहा। लेकिन महाराज दशानन के कदम वहीं रुक गए। उन्होंने उस गौ माता की आंखों में देखा... मानो वह आंखें कह रही हों— "क्या इस दुनिया में कोई ऐसा भी है, जो हमें अपना समझे?" उस दिन महाराज दशानन का हृदय बदल गया।
उन्होंने केवल उस एक गौ माता को भोजन नहीं कराया, बल्कि अपने मन में एक बहुत बड़ा संकल्प लिया— "जब तक सांस है, गौ माता की सेवा का प्रयास करता रहूंगा। एक ऐसी गौशाला बनाऊंगा, जहां कोई गौ माता भूखी, बेसहारा और असहाय न रहे।"





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